Breaking News

         

Home / मनोरंजन / जराहटके / धर्मायण का 100वाँ अंक लोकार्पित

धर्मायण का 100वाँ अंक लोकार्पित

महावीर मन्दिर की पत्रिका धर्मायण के 100वें अंक का आज डिजिटल लोकार्पण किया गया। वर्तमान में कोविड-19 के कारण इस मासिक पत्रिका को ई-बुक के रूप में प्रकाशित किया जा रहा है। धर्मायण का यह विशेषांक कार्तिक मास, 2077 वि.सं., 01नवम्बर से 30 नवम्बर का अंक है, जिसमें छठ-पूजा के साथ साथ समग्र रूप से सूर्य-उपासना पर अनेक प्रकार के शोधात्मक आलेख प्रकाशित किये गये हैं। इस अंक में छठ के कई लोकगीतों का संकलन भी प्रकाशित किया गया है। इसमें वैज्ञानिक दृष्टि से छठ पर्व के रहस्यों पर तथा सूर्य किरण से चिकित्सा सम्बन्धी अवधारणा पर गम्भीर आलेख हैं।

विशेषता यह है कि सभी आलेख अपने अपने क्षेत्र के विशेषज्ञों के द्वारा लिखे गये हैं। आचार्य किशोर कुणाल ने हनुमानजी से सम्बन्धित अनेक भ्रान्तियों का निवारण करते हुए विस्तृत आलेख दिया है। इस विशेष अंक में प्रवेशांक से लेकर अभीतक प्रकाशित सभी आलेखों की सूची दी गयी है, अतः अन्य अंकों की अपेक्षा इसकी पृष्ठ संख्या 80 से बढ़कर 120 हो गयी है। यह विशेषांक महावीर मन्दिर के वेबसाइट https://mahavirmandirpatna.org/dharmayan/ पर निःशुल्क पढा जा सकता है। यहाँ से डाउनलोड करने की भी व्यवस्था दी गयी है।
भवनाथ झा,
सम्पादक
धर्मायण

यहाँ पत्रकार बन्धुओं के अवलोकन के लिए पूरी पत्रिका भी संलग्न की जा रही है।

Facebook Comments

About Lav pratap

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: