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क्या ये लड़की बिहार की अगली मुख्यमंत्री बनने वाली हैं?

बिहार में इस साल के नवंबर में विधानसभा चुनाव होने को है इसको लेकर राजनितिक गलियारों में सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है. नेता भी अपनी सहूलियत और वक़्त के हिसाब से पार्टियाँ बदलनी शुरू कर चुके है. लोगो में भी ये चर्चा होने लगी है की इस बार बिहार को किसके हाथों में सौंपा जाये. इसी बीच बिहार की राजनीति में एक नयी पार्टी उभर कर आ रही है, नाम है प्लुरलस और इसकी प्रेसिडेंट हैं पुष्पम प्रिया चौधरी. ये वही पुष्पम प्रिया चौधरी है जिनका विज्ञापन 9 मार्च को बिहार के हर छोटे से बड़े अखबारों में छपा था. लेकिन अब पुष्पम प्रिया चौधरी विज्ञापन से उतर कर मैदान में आ चुकी हैं.

कौन हैं पुष्पम प्रिया चौधरी?
पुष्पम JDU के नेता विनोद चौधरी की बेटी हैं लेकिन पुष्पम को उनके पिता के नाम से जानना ठीक नहीं हैं. पुष्पम मूल रूप से दरभंगा की रहने वाली हैं लेकिन उन्होंने इंग्लैंड के लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स से पढाई की हैं. खबरों के अनुसार पुष्पम ने मार्च 2020 में प्लुरलस पार्टी बनायीं और तभी से उन्होंने खुद को बिहार का अगला मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित कर दिया. पुष्पम के अनुसार जिसको के बिहार से प्यार हैं और राजनीति से नफरत, वो प्लुरलस को ज्वाइन करें।

क्या हैं प्लुरलस?
प्लुरलस पुष्पम प्रिया चौधरी द्वारा बनायीं गयी नयी राजनीतिक पार्टी हैं. पार्टी का जो लोगो है वो सफ़ेद घोड़े का है जिसपर पंख लगे हैं. ग्रीक मिथक में इसे पेगासस के नाम से जाना जाता है. ये घोड़ा ज़मीन पर दौड़ने के साथ-साथ आसमान में उड़ भी सकता था. इसे शक्ति और तीव्रता का प्रतीक माना गया है. जो लाइनें पुष्पम ने अपनी पार्टी के लिए इस्तेमाल की हैं, उनमें भी गति और उड़ने का ज़िक्र आता है.

क्या हैं प्लुरलस का एजेंडा?
प्लुरलस की वेबसाइट पर 12 एजेंडा उल्लेखित किये गए गए हैं लेकिन प्लुरलस की प्राथमिकता रोज़गार, उद्योग, शिक्षा और स्वस्थ होगा. प्लुरलस के अनुसार बिहार इन सारे मामलो में सबसे पिछड़ा राज्य हैं और हम तथ्य भी देखे तो ये बात सत्य हैं. इसका एक उदाहरण ये हैं की बिहार में 17,600 लोगों पर 1 डॉक्टर हैं जबकि हमारे देश में 1000 लोगों पर 1.34 डॉक्टर हैं . यही हाल बिहार में हर छेत्र में हैं. लेकिन प्लुरलस के अनुसार बिहार को बिहार की राजनीति खा गयी. बिहार में बहुत तरह से उद्योग संभव हैं जिससे रोज़गार भी बढ़ेगा और पलायन पर भी नियंत्रण हो सकेगा. पुष्पम का कहना हैं की उनके पास 2020-30 तक का blueprint हैं की कैसे वो बिहार को नयी उड़ान देंगी.

अभी क्या कर रही पुष्पम प्रिया चौधरी?
पुष्पम अभी बिहार के हर कोने तक घूम रही हैं, लोगों से मिल रही हैं और छोटे- बड़े सभी उद्योग की जानकारी ले रही हैं. पुष्पम किसान के खेत से लेकर बंद पड़े चीनी मिल तक पहुंच रहीं हैं . पुष्पम ने बिहार में ऐसी कई सारी चीजें ढूंढनिकली जो शायद सत्तारुढ़ नेता और बिहार के लोगों तक को पता नहीं होगा. और ये सब देख कर तो लगता हैं की बिहार में बहुत कुछ हैं जिससे औसर में बदला जा सकता हैं. आप पुष्पम के फेसबुक पेज से भी ये सारी जानकारी ले सकते हैं.

युवाओं में खास लोकप्रिय हो रही हैं पुष्पम.

पुष्पम हर रोज एक नए दौरे, एक नयी जगह और एक नए अवसर की खोज में घूम रही हैं. हर रोज वो बता रही हैं की बिहार में वो सब कुछ मुमकिन हैं जो किसी संपूर्ण विकसित राज्य में हैं . और यही बात युवाओ को आकर्षित कर रही हैं. प्लुरलस को ऑनलाइन प्रक्रिया से लगभग 3 लाख लोगों ने ज्वाइन किया हैं जिसमे 80% सिर्फ युवा हैं . सोशल मीडिया पर आप जाकर देखेंगे तो पाएंगे की लोग पुष्पम को बिहार में विकल्प के तौर पे देख रहे हैं. लोग ये मान रहे हैं की पुष्पम ही बिहार को नया पंख दे सकती हैं. अब ये बात आने वाले चुनाव में ही पता चलेगा की क्या वाकई पुष्पम लोगों पर कोई छाप छोड़ पायी या नहीं?

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