सभापति सिधु सिंह, उपसभापति बब्लू कूमार, राजन साह, रंजना श्रीवास्तव, लीसा लाल, जयप्रकाश गुप्ता, प्रमीला देवी, लाडली खातून, रेनू देवी, रीता देवी समेत 10 वार्ड पार्षदों के बाहर जाने के बाद मजिस्ट्रेट ने सदन की कार्रवाई शुरू कराने का आदेश दिया। बैठक की कार्रवाई संपादित करने के लिए पार्षदों ने सर्वसम्मति से वार्ड संख्या 35 के पार्षद अमित कुमार सिंह सोनू को अध्यक्ष मनोनीत किया। अमित कुमार सिंह की अध्यक्षता में सदन की कार्रवाई शुरू हुई। अविश्वास प्रस्ताव पर सभी पार्षदों ने बारी-बारी से मतदान किया। मतों की गिनती के बाद प्रेक्षक ने रिजल्ट घोषित किया। उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव बहुमत के साथ पास हुआ है। सदन में 15 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिए हैं। सदन की हर कार्रवाई प्रेक्षक के तौर पर जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी विपिन कुमार राय की उपस्थिति में हुई। बता दें कि नगर परिषद में कुल 38 पार्षद थे, इनमें से दो पार्षद के त्यागपत्र दे देने के बाद कुल 36 पार्षद हीं शेष बचे थे। कोरम पूरा होने के लिए कुल 36 पार्षद के 2/5 भाग यानी 15 पार्षदों की उपस्थिति जरूरी थी। जबकि प्रस्ताव पारित होने के लिए मतदान के दौरान 15 पार्षदों का समर्थन मिला।

प्रेक्षक विपिन कुमार राय ने बताया कि बैठक के उपरांत नगर सभापति के विरुद्ध लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराया गया। कुल उपस्थित 16 सदस्यों में अध्यक्ष को छोड़कर 15 सदस्यों द्वारा मतदान कराया गया। उन्होंने बताया बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 25(4) में अंकित निर्देशों के अनुरूप विशेष बैठक में पदधारण करने वाले पार्षदों की संख्या से 15-0 से अविश्वास प्रस्ताव पारित किया गया।

ये पार्षद रहे मतदान में शामिल :

वार्ड संख्या 6 की पार्षद प्रियंका देवी, वार्ड संख्या 11 की पार्षद सोनी देवी, वार्ड संख्या 38 की पार्षद मीनू देवी, वार्ड संख्या 3 की पार्षद नूरतारा, वार्ड संख्या 1 की पार्षद मंजू देवी, वार्ड संख्या 4 की पार्षद बबीता देवी, वार्ड संख्या 18 की पार्षद मोजस्सम परवीन, वार्ड संख्या 28 की पार्षद शायदा खातून, वार्ड संख्या 30 की पार्षद शहनाज बानो, वार्ड संख्या 22 के पार्षद सत्यम भारतीय, वार्ड संख्या 12 के पार्षद इरफान खान, वार्ड संख्या 14 के पार्षद उदय कुमार वर्मा, वार्ड संख्या 21 के पार्षद पवन कुमार व वार्ड संख्या 8 के पार्षद मंसूर आलम अविश्वास प्रस्ताव को लेकर हुए मतदान में शामिल रहे। बैठक व मतदान के दौरान सभागार में कार्यपालक पदाधिकारी अजीत कुमार, नाजिर शैलेश कुमार, कार्यालय सहायक किशन लाल, रंजीत कुमार, कृष्णा कुमार समेत नगर परिषद के अन्य कर्मी मौजूद थे।

दो पार्षद रहे मतदान प्रक्रिया से बाहर :

नगर परिषद के 38 पार्षदों में से दो पार्षदों को नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक 5385/19 के आलोक में कार्यपालक पदाधिकारी के आदेश पर बैठक में भाग लेने की सूचना नहीं दी गई थी। उन्होंने बताया कि सभापति द्वारा वार्ड संख्या 17 के पार्षद सुनिल कुमार और वार्ड संख्या 32 के पार्षद राजकुमार बांसफोर का त्यागपत्र स्वीकृत कर लिया गया था। इसके आलोक में विभाग के प्रधान सचिव से मार्गदर्शन की मांग की गई है।

लगाई पूर्व सांसद मुर्दाबाद के नारे :

बैठक का विरोध कर सदन से बाहर निकलने के बाद सभापति के समर्थकों ने पूर्व सांसद ओमप्रकाश यादव मुर्दाबाद के नारे लगाते रहे। रिजल्ट घोषित होने के बाद सिधु सिंह व उनके समर्थित पार्षदों के चेहरे पर मायूसी साफ नजर आने लगी थी।

सुरक्षा के थे कड़े इंतजाम :

समाहरणालय सभागार में आयोजित अविश्वास प्रस्ताव की बैठक को लेकर जिलाधिकारी के निर्देश पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। वहीं कुछ पार्षदों ने धमकी का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई थी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पार्षदों को पुलिस अभिरक्षा में समाहरणालय परिसर में प्रवेश कराया गया।

क्या कहते हैं जिम्मेदार :

समाहरणालय सभागर में गुरुवार को अविश्वास प्रस्ताव पर हुए मतदान के बाद नप सभापति एवं उपसभापति की कुर्सी खाली हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के मार्गदर्शन के अनुसार एक माह में चुनाव कराया जाएगा, तबतक नप सभापति व उपसभापति का अधिकार ईओ में निहित रहेगा।

विपिन कुमार राय, प्रेक्षक सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, सिवान