शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक किराए में रह रहे बाहरी लोगों का सत्यापन नहीं किए जाने पर पुलिस अधीक्षक ने सख्ती बरतते हुए 30 सितंबर तक सत्यापन कराने का निर्देश जारी किया है। सभी मकान मालिकों को 30 तक अपने अपने मकानों में रखे किराएदारों का पूर्ण विवरण संबंधित थानों में देना होगा। ऐसा नहीं करने पर मकान मालिकों पर पुलिस कार्रवाई करेगी। एसपी नवीन चंद्र झा ने बताया कि शराब की तस्करी व बढ़ते अपराध पर काबू पाने के लिए पुलिस किराएदारों का सत्यापन करेगी। कई बार ऐसा होता है कि बिना किसी जांच पड़ताल के मकान मालिक अपने घरों में बाहरी लोगों को किराए पर रखते हैं और उनमें से कोई ना कोई किराएदार किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने के बाद फरार हो जाता है। जब पड़ताल की जाती है तो पाया जाता है कि वे फर्जी आइडी के आधार पर किराए में रह रहे थे। इसलिए अब बिना सत्यापन के रह रहे किराएदारों की सारी जानकारी मकान मालिक को स्पष्ट करने के बाद उसे थाने में सिपुर्द करनी है। वहीं थाना द्वारा तैनात पुलिस पदाधिकारी भी अपने क्षेत्र में ऐसे मकानों का विवरण जुटाएगी जहां पर किरायेदार हैं या फिर घरों में लोग काम कर रहे हैं उनका नाम, उम्र, पता, मोबाइल नंबर, फोटो, घर में कितने सदस्य, सभी विवरण लिए जाएंगे।

कुछ साल पूर्व शुरू हुआ था सत्यापन अभियान

बता दें कि कुछ साल पूर्व किराएदारों के सत्यापन के लिए अभियान चलाया गया था। लेकिन दो-चार दिन बाद ही यह टांय-टांय फिस्स हो गया। नतीजा यह है कि बिना पुलिस सत्यापन के ही शहर में काफी संख्या में किराएदार रहने लगे। शहर के कई ऐसे मोहल्ले हैं जहां किराए पर लोग रहते अधिक रहते हैं, महादेवा, नई बस्ती, राजेंद्र नगर, आसी नगर, एमएम कॉलोनी, सराय आदि मोहल्ले शामिल हैं। जहां किराएदारों की संख्या अच्छी खासी है।