प्रखंड से हो कर गुजरने वाली सरयू नदी खतरे के निशान से मात्र 25 सेंटीमीटर नीचे बह रही  है, जिसके कारण लोगों में  बाढ़ की  संभावना को लेकर  दहशत का माहौल बना हुआ है। अंचलाधिकारी इंद्रवंश राय ने नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सभी स्लूइस गेट को बंद करा दिया है एवं जगह-जगह होमगार्ड के जवानों की तैनाती कर दी गई। तटवर्ती ग्रामीणों ने बताया कि सरयू नदी में एकाएक उफान के कारण सरयू नदी के किनारों पर बसे गांव कचनार, भागर,सिसवन, ग्यासपुर, चटैया, साईंपुर, नवकाटोला आदि गांवों के लोग चितित हैं। सरयू नदी का पानी अब बांध को छूने लगा है। इस संबंध में पूछे जाने पर अंचलाधिकारी इंद्रवंश राय ने बताया कि विभाग द्वारा नदियों के जल वृद्धि पर लगातार नजर रखी जा रही है। जहां से भी कोई सूचना प्राप्त होती है वहांतुरंत कार्य कराया जा रहा है स्थिति बिल्कुल नियंत्रण में है।

दरौली में सरयू नदी खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर नीचे बह रही

गुरुवार को दरौली में सरयू नदी खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी। केंद्रीय जल आयोग विभाग के अनुसार नदी का जल स्तर स्थिर है। सरयू नदी में पानी बढ़ने व घटने का रफ्तार स्थिर है। विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में नदी के जलस्तर में घटने की उम्मीद है। हालांकि नदी का जल स्तर खतरे के निशान से नीचे हो जाने से तटवर्ती व निचले इलाके के लोग राहत महसूस कर रहे हैं। जानकारी है कि रविवार को सरयू

नदी का जल स्तर खतरे के निशान से चार सेंटीमीटर ऊपर चली गई थी, जिससे बाढ़ को लेकर लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। वहीं सरयू नदी के जल

स्तर में गिरावट आने से लोग राहत महसूस करने लगे हैं। दरौली सरयू नदी का डेंजर लेवल 60.82 है। गुरुवार को इसका जल स्तर  60.32 पर खड़ी है। वहीं रघुनाथपुर में सरयू नदी का जल स्तर सामान्य है। कोई खतरा नहीं है।