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कैबिनेट का फैसला: अब गांवों में भी प्‍लास्टिक बैग पर रोक, 100/- में पैतृक संपत्ति का बंटवारा

बिहार कैबिनेट की मंगलवार की शाम में हुई बैठक में 21 प्रस्‍तावों पर मुहर लगी। बैठक की अघ्‍यक्षता मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने की। बैठक में सरकार ने पारिवारिक संपत्ति विवाद के मामलों को समाप्त करने के इरादे निबंधन शुल्क 50 रुपये करने की फैसला किया, हालांकि स्‍टांप शुल्‍क सहित कुल सौ रुपये का भुगतान करना होगा। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में सभी प्रकार के पॉलिस्टिक कैरी बैग को प्रतिबंधित लगाने का प्रस्ताव भी स्‍वीकृत किया गया।
सौ रुपये में होगा पारिवारिक संपत्ति का बंटवारा
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद अपर सचिव मुख्यसचिव सह गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी ने बताया कि राज्य में पारिवारिक संपत्ति को लेकर हिंसा की घटनाएं आए दिन होती हैं। इसे देखते हुए सरकार ने पारिवारिक संपत्ति की निबंधन दरों को लगभग समाप्त करते हुए 50 रुपये कर दिया है। जमीन रजिस्ट्री के 50 रुपये के साथ ही स्टांप शुल्क के 50 रुपये अलग से लगेंगे।
सुबहानी ने बताया कि सरकार मानना है कि आदेश के अधिसूचित होने के बाद पैतृक और पारिवारिक संपत्ति से जुड़े विवाद के मामलों में कमी आएगी। इससे राज्य की विधि व्यवस्था पर अनुकूल प्रभाव पड़ेगा तथा आम लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि पहले पारिवारिक संपत्ति के निबंधन के लिए परिवारों को कुल संपत्ति का पांच फीसद शुल्क देना होता था। इसमें दो प्रतिशत रजिस्ट्री शुल्क के होते थे, जबकि तीन प्रतिशत स्टांप शुल्क के रूप में लिए जाते थे।
अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्‍लास्टिक बैग पर प्रतिबंध
कैबिनेट के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि मंत्रिमंडल ने शहरी क्षेत्र के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में सभी प्रकार के पॉलिथिन कैरीबैग को प्रतिबंधित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। शहरी क्षेत्र में 14 दिसंबर से कैरीबैग प्रतिबंधित हो जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में फैसले के गजट में प्रकाशन होने के 60 दिन बाद कैरीबैग प्रतिबंधित होंगे। संजय कुमार ने बताया कि आदेश के प्रभावी होने के बाद भी यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार के पॉलिथिन कैरीबैग का प्रयोग करते पाया जाएगा तो उसे अधिकतम एक लाख रुपये जुर्माना और पांच साल तक की कारावास की सजा दी जा सकती है।
कैबिनेट के अन्‍य बड़े फैसले, एक नजर
– मुंगेर में वाणिकी माहाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए 105.04 करोड़ को स्‍वीकृति दी गई।
– बेल्ट्रान से आउटसोर्स किए प्रोग्रामर,स्टोनोग्राफर,आइटी ब्‍वॉय, आइटी गर्ल की सेवा काल में आकस्मिक मौत पर चार लाख रुपये के अनुदान को स्‍वीकृति।
– आयुर्वेद महाविद्यालयों में कुल 156 पदों के सृजन का फैसला।
– पटना के उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्‍थान को 58 लाख की राशि मिली।
– सर्व शिक्षा अभियान के तहत कुल 124.75 करोड़ स्वीकृत।
– पंचायत समिति और जिला परिषद कार्यालय होंगे चकाचक, फर्नीचर, आइटी आदि पर सरकार करेगी खर्च।बिहार कैबिनेट की मंगलवार की शाम में हुई बैठक में 21 प्रस्‍तावों पर मुहर लगी। बैठक की अघ्‍यक्षता मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने की। बैठक में सरकार ने पारिवारिक संपत्ति विवाद के मामलों को समाप्त करने के इरादे निबंधन शुल्क 50 रुपये करने की फैसला किया, हालांकि स्‍टांप शुल्‍क सहित कुल सौ रुपये का भुगतान करना होगा। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में सभी प्रकार के पॉलिस्टिक कैरी बैग को प्रतिबंधित लगाने का प्रस्ताव भी स्‍वीकृत किया गया।
सौ रुपये में होगा पारिवारिक संपत्ति का बंटवारा
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद अपर सचिव मुख्यसचिव सह गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी ने बताया कि राज्य में पारिवारिक संपत्ति को लेकर हिंसा की घटनाएं आए दिन होती हैं। इसे देखते हुए सरकार ने पारिवारिक संपत्ति की निबंधन दरों को लगभग समाप्त करते हुए 50 रुपये कर दिया है। जमीन रजिस्ट्री के 50 रुपये के साथ ही स्टांप शुल्क के 50 रुपये अलग से लगेंगे।
सुबहानी ने बताया कि सरकार मानना है कि आदेश के अधिसूचित होने के बाद पैतृक और पारिवारिक संपत्ति से जुड़े विवाद के मामलों में कमी आएगी। इससे राज्य की विधि व्यवस्था पर अनुकूल प्रभाव पड़ेगा तथा आम लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि पहले पारिवारिक संपत्ति के निबंधन के लिए परिवारों को कुल संपत्ति का पांच फीसद शुल्क देना होता था। इसमें दो प्रतिशत रजिस्ट्री शुल्क के होते थे, जबकि तीन प्रतिशत स्टांप शुल्क के रूप में लिए जाते थे।
अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्‍लास्टिक बैग पर प्रतिबंध
कैबिनेट के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि मंत्रिमंडल ने शहरी क्षेत्र के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में सभी प्रकार के पॉलिथिन कैरीबैग को प्रतिबंधित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। शहरी क्षेत्र में 14 दिसंबर से कैरीबैग प्रतिबंधित हो जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में फैसले के गजट में प्रकाशन होने के 60 दिन बाद कैरीबैग प्रतिबंधित होंगे। संजय कुमार ने बताया कि आदेश के प्रभावी होने के बाद भी यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार के पॉलिथिन कैरीबैग का प्रयोग करते पाया जाएगा तो उसे अधिकतम एक लाख रुपये जुर्माना और पांच साल तक की कारावास की सजा दी जा सकती है।
कैबिनेट के अन्‍य बड़े फैसले, एक नजर
– मुंगेर में वाणिकी माहाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए 105.04 करोड़ को स्‍वीकृति दी गई।
– बेल्ट्रान से आउटसोर्स किए प्रोग्रामर,स्टोनोग्राफर,आइटी ब्‍वॉय, आइटी गर्ल की सेवा काल में आकस्मिक मौत पर चार लाख रुपये के अनुदान को स्‍वीकृति।
– आयुर्वेद महाविद्यालयों में कुल 156 पदों के सृजन का फैसला।
– पटना के उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्‍थान को 58 लाख की राशि मिली।
– सर्व शिक्षा अभियान के तहत कुल 124.75 करोड़ स्वीकृत।
– पंचायत समिति और जिला परिषद कार्यालय होंगे चकाचक, फर्नीचर, आइटी आदि पर सरकार करेगी खर्च।

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