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मोहब्बत आज भी जिंदा है “शहर” ।

जिंदगी ने हमेशा मेरे साथ खेल खेला । तब भी मैंने मुस्कुराना सीखा, वक़्त से लड़ना सीखा । मुझे जब भी लगता था कि मंजिल के करीब हूँ । एक ही पल में अपने आप को बहुत दूर पाता था । पर नियति को कुछ और मंजूर था । मैं अपने प्रारंभिक स्थान से पटना चला आया, फिर वही रहना शुरू कर दिया ।

कुछ सालों के बाद मैं केंद्रीय विश्वविद्यालय में नामांकन करा अपना पठन पाठन जारी रखा । पर मुझे मालूम न था कि यहा भी किसी से आत्मियता पनपेगी । यहा मुझे एक लड़की से दिल लग गया । मैं बहुत रोकना चाहा अपने आप को पर नही रोक पाया । और निरंतर उसके तरफ बढ़ते गया । मैं बिलकुल निराश और हार चुका था । मन जीने से बिलकुल ऊब चुका था, पर मुझे मालूम न था कि मेरी जिंदगी यही बदल जायेगी । आज तक जब जब मैं गिरा था, किसी ने भी नहीं उठाया था । मैं क्या जानता था कि कोई मेरी जिंदगी में धीरे धीरे दबे पाँव से शामिल हो रहा था । यदि मुझे मालूम रहता तो रोक लेता उसे । पर वो शामिल हो चुकी थी ।उसका विचार इतना निर्मल और अच्छा था कि मैं खुद को बदल लिया । पता ही नहीं चला, बड़ी मुश्किल के बाद मैंने अपने दिल की बात उससे कही । उसका जवाब आया । उसने न हां कहा और न ही ना ।मैं दुखी था पर गर्व हो रहा था , यह जानकर कि सच्चे प्यार की कोई मंजिल नहीं होती है । पता नही क्यों, उसने मेरे प्यार को कबूल नही की । वो मेरे बारे में सोचती थी पर क्यों सोचती थी, नही मालूम । मैं खुश भी था कि मुझमे कही एक सच्चा प्यार जीवित है अभीतक । और साथ में दुखी था इस बात को लेकर कि वो मेरे सच्चे प्यार को नही समझी । पर उसने जिंदगी जीना सीखा दिया । मैं उसका हमेशा इन्तेजार करूँगा । हर पल , एक एक पल , और साथ में तुम्हारे साथ का भी इन्तेजार करूँगा । पल समाप्त होगी इंतेजार की जिस दिन उस दिन फिर क्या होगा , अंजाम से अंजान हूँ अभी ।
मन किया कुछ लिखने का ,,लिख दिया । आखिर जिंदगी ही है , कब पलट जाये किस करवट ,,कोई नही जानता ।

पर मुझे महसूस होता है मेरी जिंदगी को लेकर,जब पलटेगी जिस करवट, उस करवट में मौत तो जरूर होगी ।

चाहता हूँ मैं भी जीना पर जीने का बहाना मुझे नही मालूम । आखिर कब तक इस सच्चे प्यार को जीवित रखूंगा ?

तुम्हारी और मेरी जिंदगी में केवल चार कदम है , दो कदम तुम चल लेती और दो कदम मैं , तो शायद एक सच्चे प्यार का अंजाम ख़ुशी होती , उदासी नही । वैसे भी दुआ है,मेरे हिस्से की ख़ुशी तुम्हे मिले,बाकी मैं उदास रह लूंगा ।

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